सीएसआर

अइयन निजः परोवेती गणना लघुचतसाम्। उदार चरितानां तु वसुधैव परिवारकम् ।

यह मेरा है या वह उसका है - ऐसी बाते छोटे दिमाग के लिए है। लेकिन बड़े दिल वाले लोगों के लिए, पूरी दुनिया ही एक परिवार है

आर्थिक, पर्यावरण और सामाजिक विकास को सुविधाजनक बनाने के लिए, हम स्थानीय समुदायों के साथ काम करते हैं ताकि रोजीरोटी के विकल्प उपलब्ध कर सकें,महिलाओं को आर्थिकरूप से सशक्त बना सकेंऔर उन्हे शिक्षा दे सकें। हमें दृढ़ विश्वास हैं कि, व्यक्ति, परिवार और देश के जीवन में सामाजिक-आर्थिक बदलाव के लिएशिक्षण ही सबसे बड़ा साधन है। रिमोट क्षेत्रमें जहाँ के लोग, औरते अभीभी शिक्षा की मुख्य प्रवाह से दूर है, वहाँ हमारे शाखा-विभाग स्थापन हो चुके हैं.इसतरह हमने पाठशाला शुरू करके शिक्षा के लिए मुलभूत सुविधा उपलब्ध की हैं।
हमारी कंपनी के संस्थापक, स्वर्गीय पद्मभूषण श्री करमशी जेठाभाई सोमैया ने के. जे. सोमैया ट्रस्ट और सोमैया ट्रस्ट की भी स्थापना की। समाज के प्रति हमारा कुछ फर्ज बनता है ऐसा उन्हे दृढ विश्वास था। एकसंध समाज बनाने के लिए उन्होंने अथकप्रयत्न किये। इसके बाद उन्होंने सोमैया विद्याविहार,के. जे. सोमैया मेडिकल ट्रस्ट, और द गिरीवनवादी एज्युकेशन ट्रस्ट और प्रगति मंडल की स्थापना की, जिसमें ३० से अधिक विभिन्न शैक्षणिक संस्थान और दो अस्पताल और कई अन्य क्षेत्र जैसे प्राथमिक स्तर से पीएचडी, ग्रामीण से शहरी, व्यावसायिक पेशेवर और मेडिकलसे लेके इंजीनियरिंग, कला और विज्ञान, धर्म, व्यावसायिक अध्ययन, शिक्षा, लँग्वेजेस, आदिवासी विकाससहित विविध क्षेत्रों का समावेश हैं ।
सोमैय्या परिवार हमारे संस्थापक की परंपरा पालन कर रहे हैं। इन संस्थानों का नेतृत्व डॉ. एस. के. सोमैयाने किया था, और अब वर्तमान में हमारे मौजूदा अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक समीर सोमैया कर रहे है । इन संस्थानों के अंतर्गत ३८,००० से अधिक छात्र पढ़ रहे हैं।